पिछले साल 2019 में लोकसभा चुनाव के दौरान ही अरुणाचल प्रदेश में विधानसभा का चुनाव हुआ था विधानसभा चुनाव में जनता दल यूनाइटेड ने कुल 15 सीटों पर चुनाव लड़ा था और जनता दल यूनाइटेड को अच्छी खासी सफलता मिली और जेडीयू 7 सीटें जीतने में सफल रही ।
अरुणाचल विधानसभा चुनाव 2019 में 7 सीटों पर विधानसभा का चुनाव जीतकर जनता दल यूनाइटेड अरुणाचल की मुख्य विपक्षी पार्टी सीटों के लिहाज से बन गई थी बीजेपी के बाद सबसे ज्यादा सीटें अरुणाचल विधानसभा चुनाव में जदयू को ही मिली थी।
इस साल नवंबर में हुए बिहार विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी जबसे सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है तभी से जेडीयू और बीजेपी में मतभेद लगातार देखने को मिल रहा है । बिहार विधानसभा में हुए चुनाव के बाद जो परिणाम आए उससे भारतीय जनता पार्टी के हौसले बुलंद है और नीतीश कुमार की पार्टी तीसरे नंबर की पार्टी बन कर रह गई है ।
बिहार विधानसभा के राजनीतिक गलियारों में ऐसा माना जा रहा है कि जनता दल यूनाइटेड और नीतीश कुमार भारतीय जनता पार्टी के दबाव में काम कर रहे हैं।
जब इस बारे में मुख्यमंत्री और जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार से पत्रकारों ने बात करने की कोशिश की तो उन्होंने मुस्कुराते हुए टालमटोल करने का प्रयास किया और कोई भी सटीक उत्तर नहीं दिया ।
जनता दल यूनाइटेड की राष्ट्रीय परिषद की बैठक 26 दिसंबर को पटना में होने वाली है ऐसा माना जा रहा था कि अरुणाचल प्रदेश के सातों विधायक भी इस बैठक में शामिल होने वाले है मगर इस बैठक से पहले ही बीजेपी ने 6 विधायकों को अपने पार्टी में शामिल करा कर नीतीश कुमार को तगड़ा झटका दिया है ।

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