किसान कानूनों के विरोध में लगातार किसानों का धरना प्रदर्शन लगभग 1 महीने से जारी है , किसान तीनों बिलों को वापस किए जाने की मांग पर अड़े हुए हैं , मगर अब सरकार भी शायद बिल वापस ना करने की जिद पर अड़ गई है क्योंकि अब यह मसला सरकार के नाक का सवाल बन‌ गया है । 

    

 सरकार के इसी रवैया के कारण एनडीए के सहयोगी दल लगातार साथ छोड़ कर जा रहे हैं इसी कड़ी में कल हनुमान बेनीवाल नागौर के सांसद और आरएलपी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने एनडीए से अलग होने  का ऐलान किया है। 

  

कृषि बिल के मुद्दे पर हनुमान बेनीवाल लगातार सरकार के खिलाफ बोलते हुए नजर आए, कृषि कानूनों के विरोध में ही हनुमान बेनीवाल ने संसद के सभी समितियों से पहले ही इस्तीफा दे दिया था । 

   

श्री बेनीवाल ने कहा कि अगर जरुरत पड़ी तो वह संसद की सदस्यता से भी इस्तीफा देने को तैयार हैं , बेनीवाल कल अपने हजारों समर्थकों के साथ दिल्ली बॉर्डर पर किसानों के धरना में शामिल होने के लिए जा रहे थे । 

   

बेनीवाल से पहले भी कृषि कानूनों के विरोध में ही बीजेपी की काफी लंबे समय से सहयोगी रही पंजाब की क्षेत्रीय पार्टी अकाली दल ने भी साथ छोड़ा था , मोदी कैबिनेट में मंत्री रही हरसिमरत कौर बादल ने भी मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था । 


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फ़ाइल - फ़ोटो